कैरी बैग की एवज में 95 रुपए लेना एक कंपनी को भारी पड़ गया। उसे न केवल इस शुल्क को स्थायी तौर पर हटाना पड़ा बल्कि शिकायकर्ता को नौ हजार रुपये भी देने पड़े। दिल्ली की युवती ने इसी साल अप्रैल में स्विगी के माध्यम से सबवे को एक ऑर्डर किया था। जो युवक खाना पहुंचाने आया उसने कैरी बैग के लिए 95 रुपए अतिरिक्त मांगे। युवती ने जब कंपनी से बात की तो उसे बताया गया कि यह शुल्क कंपनी के नीति के अनुसार है। आखिरकार युवती ने दिल्ली राज्य उपभोक्ता आयोग में इसकी शिकायत दर्ज कराई।

आयोग ने बीती दो मई को सबवे व स्विगी को नोटिस जारी करते हुए 11 जुलाई को जवाब देने को कहा था। कंपनियों ने आयोग को सूचित किया कि उन्होंने अपनी गलती में सुधार कर लिया है और अब उन्होंने कैरी बैग की एवज शुल्क वसूलना बंद कर दिया है। आयोग के अध्यक्ष अरुण कुमार आर्या ने इस पर संतोष जताया।

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मुकदमा खर्च के तौर पर भुगतान का निर्देश
आयोग ने कहा कि शिकायतकर्ता ने कैरी बैग के एवज में शुल्क वसूलने पर आपत्ति जताई थी, लेकिन उसने मुआवजे की मांग नहीं की। परन्तु शिकायतकर्ता ने आयोग में अपने अधिवक्ता कृष्ण कुमार शर्मा की मार्फत दो महीने तक अपने मामले की पैरवी की। इसके लिए वह मुकदमा खर्च पाने की हकदार है।

आयोग ने ऑनलाइन ऑर्डर लेकर खाना पहुंचाने वाली इन कंपनियों को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता युवती को मुकदमा खर्च के तौर पर नौ हजार रुपये का भुगतान करें, जोकि मौके पर ही कंपनी द्वारा कर दिया गया।