दिल्ली के सत्य निकेतन में बुधवार रात लड़कियों की पीजी में आग लगने से अफरातफरी मच गई। आग में फंसी 50 लड़कियों ने पड़ोसी की छत पर कूदकर जान बचाई। आग लगने के बाद धुआं इतना फैल चुका था कि चार मंजिला इमारत में रहने वाली लड़कियों के लिए नीचे उतरना मुश्किल था। ऐसे में लड़कियां वहां से समय रहते नहीं निकलतीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।एआरएसडी कॉलेज के पास सत्य निकेतन की गली नंबर-1 के मकान नंबर 182 में चार मंजिला पीजी है। पीजी के भूतल पर मीटर पैनल लगा है। इसी मीटर पैनल में बुधवार रात 11 बजे अचानक आग लग गई। रात का वक्त था, लिहाजा तकरीबन सभी लड़कियां पीजी में मौजूद थीं। आग लगने के कुछ ही मिनटों के अंदर पूरी इमारत में धुआं भर गया। इससे पीजी की लड़कियों में अफरातफरी मच गई। वे आग से बचने के लिए भागने लगीं।

मदद के लिए चिल्लाईं : आसपास के लोगों ने बताया कि आग भड़कते ही उसमें रहने वाली लड़कियां घबरा गईं। वो मदद के लिए चिल्लाने लगीं। इससे आसपास के लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। आग इतनी फैल चुकी थी कि लड़कियों का नीचे उतरना मुश्किल था। इस बीच लड़कियां छत की ओर भागीं और पड़ोसी की छत पर कूदने लगीं। उधर, स्थानीय लोगों ने पुलिस व दकमल को घटना की जानकारी दी। तत्काल दमकल विभाग को घटना की सूचना दी गई। आग बुझाने के लिए मौके पर चार दमकल वाहनों को भेजा गया। करीब 15 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया।

मंदिर में रात काटी

पीजी में आग लगने के बाद ज्यादातर लड़कियों को मालिक और केयर टेकर पास में स्थित शिव मंदिर पर लेकर गए, जहां लड़कियों ने रात गुजारी। कुछ लड़कियों ने दोस्तों और रिश्तेदारों के यहां जाकर रात बिताई। वहीं कुछ को पास के पीजी वालों ने अपने यहां जगह दी।

मैत्री कॉलेज के निरपुना के अनुसार, देर रात मैं नहा रही थी, तभी अचानक चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। मेरे साथ रहने वाली दोस्त ने चीखकर कहा-जल्दी छत की तरफ भागो, आग लग गई है। इसके बाद मैं अन्य छात्राओं के साथ छत पर गई। पड़ोसियों ने काफी मदद की।

सत्यवती कॉलेज की अमीशा के अनुसार, पीजी के मालिक टीआर गोगिया और वहां काम करने वाले प्रदीप ने समय रहते आवाज लगाकर हम सभी छात्राओं को छत की तरफ भागने को कहा। पीजी की बिजली कट गई थी। घटना के बाद हमलोगों ने शिव मंदिर में रात बिताई।