कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में अगले दस दिन बेहद अहम होने वाले हैं। डाटा एनालिसिस फर्म सीपीसी एनालिटिक्स ने अपने हालिया विश्लेषण के आधार यह दावा किया है। फर्म के सह-संस्थापक साहिल देव ने कहा, दुनिया में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या रोजाना 33 फीसदी की दर से बढ़ रही है। भारत में वृद्धि दर वैश्विक औसत से कम है, जो अच्छा संकेत है। हालांकि, जरा-सी लापरवाही के घातक नतीजे हो सकते हैं।

देव के मुताबिक अगले दस दिन बेहद अहम हैं। इन दस दिनों में ही पता चलेगा कि भारत में संक्रमण किस हद तक फैला है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों ने लॉकडाउन को लेकर सही समय पर फैसला लिया है। अब कोरोना को हराने की सरकारी कवायदों को सफल बनाने का पूरा दारोमदार जनता पर है।

मरीजों की संख्या 700 पहुंची :

कोरोना वायरस से भारत समेत दुनिया बुरी तरह त्रस्त हो चुकी है। देशभर में लागू लॉकडाउन के बीच गुरुवार को कोरोना संक्रमण से रिकॉर्ड छह मरीजों की मौत हो गई। इन खबरों के बीच राहत की बात ये है कि कोरोना संक्रमण में बढ़ोतरी की दर स्थिर है। गुरुवार को संक्रमण के 89 नए मामले मिले, जो बुधवार से दो अधिक हैं। 23 मार्च को सर्वाधिक 107 नए मामले सामने आए थे। 24 मार्च 51, 25 मार्च 87 और 26 मार्च 89 नए मरीज मिले थे। भारत में कुल मामले 700 के करीब पहुंच चुके हैं।