भोपाल . विधानसभा चुनाव की तरह एक बार फिर मप्र में लोकसभा चुनाव को पूर्व मुख्यमंत्री व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान ही ‘लीड’ करेंगे। लंबी चर्चा और कई नेताओं को परखने के बाद आलाकमान ने शिवराज को मप्र की जिम्मेदारी दे दी है। वे चुनाव का नेतृत्व करने के साथ-साथ केंद्रीय संगठन के सहयोग खर्च का जिम्मा भी संभालेंगे। बताया जा रहा है कि यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने लिया है। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल मॉनिटरिंग करेंगे। 29 अप्रैल को पहले चरण के मतदान के पहले कहां-कहां किसकी रैलियां होंगी, कौन कहां सभा करेगा, यह भी शिवराज तय करेंगे। शिवराज 19 अप्रैल से मप्र में सभाओं और रैली की शुरुआत करेंगे। 23 दिन तक रहा असमंजस - मप्र में भाजपा उम्मीदवारों की पहली सूची जारी हुए 23 दिन हो गए, लेकिन पहले चरण के लिए नामांकन दाखिल होने के ठीक पहले अब असमंजस पर से पर्दा उठा है। सूत्रों की मानें तो शिवराज सिंह की मोदी और शाह से दिल्ली में मुलाकात हुई। इसी में यह तय हुआ। इससे पहले तक शिवराज राज्य से बाहर तो सभाएं ले रहे थे, लेकिन मप्र में उन्होंने सिर्फ प्रत्याशियों के नामांकन भरने में रुचि ली। अब स्थिति साफ होने के बाद वे दौरे प्रारंभ करेंगे। आलाकमान ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि शिवराज की योजना के अनुसार : आलाकमान ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि शिवराज की योजना के अनुसार ही प्रदेश के बाकी नेता मूवमेंट करेंगे। इसके लिए मंगलवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा, प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे, चुनाव प्रभारी स्वतंत्र देव, सह प्रभारी सतीश उपाध्याय और नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने बैठक की। तय हुआ है कि प्रदेश के तमाम बड़े नेताओं को लोकसभा सीट के हिसाब से जिम्मा सौंपा जाएगा। वे भोपाल से लेकर सभी सीटों पर जमीनी रूप से नजर रखेंगे। बीच-बीच में शिवराज के साथ बैठक में इसका फीडबैक लिया जाएगा। बड़े नेता लेते रहे बैठकें, लीड कौन करेगा यह तय नहीं था : केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह चूंकि खुद चुनाव मैदान में हैं, इसलिए वे सक्रिय नहीं थे। बीच-बीच में स्वतंत्र देव व सतीश उपाध्याय लोकसभा में बैठकें लेकर अपनी उपस्थिति दिखा रहे थे। नेता प्रतिपक्ष भार्गव और प्रभात झा भोपाल में होते हुए भी उनके दौरे कार्यक्रम तय किए गए। विनय सहस्त्रबुद्धे अपने कामों व्यस्त रहे। लोकसभा के हिसाब से मप्र का जिम्मा देख रहे अनिल जैन दिल्ली में रहे। चुनाव लीड कौन करेगा यह तय नहीं हो रहा था।