46 डिग्री की प्रचंड गर्मी हो या 18 डिग्री का ठंडा मौसम, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चुनाव अभियान बिना रुके पूरे 51 दिन जारी रहा। 28 मार्च को मेरठ से शुरु हुआ अभियान 17 मई को खरगौन में समाप्त हुआ। इस दौरान मोदी ने 142 जनसभाएं, चार रोड शो करते हुए एक करोड़ 50 लाख लोगों से सीधा संवाद किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने एक लाख पांच हजार किलोमीटर की दूरी तय की।

पूरे अभियान के दौरान प्रधानमंत्री मोदी अपनी सरकार बरकरार रखने को लेकर आश्वस्त दिखे। मुख्य चुनाव प्रचार अभियान भले ही 28 मार्च से शुरू हुआ हो, लेकिन मोदी ने फरवरी माह से ही देश के कोने-कोने तक जाकर संवाद शुरू कर दिया था। फरवरी से मई तक मोदी देश के हर राज्य तक पहुंचे और विभिन्न वर्गों से मुखातिब हुए। मोदी ने चुनावी सभाओं में मंच से उतर कर पांडाल में वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से मुलाकात के क्रम में दस हजार से ज्यादा वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने विभन्न योजनाओं के लगभग सात हजार लाभार्थियों के साथ भी संवाद किया।

उत्तर प्रदेश व पश्चिम बंगाल पर जोर
चुनाव अभियान के दौरान मोदी ने एक जिन में पांच सभाएं तक की। खास बात यह रही कि एक भी कार्यक्रम को रद्द नहीं करना पड़ा। अधिकांश सभाएं 40-45 डिग्री सेंटीग्रेड के तापमान में हुई। सबसे ज्यादा तापमान मध्य प्रदेश की इटारसी की सभा में 46 डिग्री था तो सबसे कम अरुणाचल प्रदेश के येलो क्षेत्र में 18 डिग्री रहा। प्रधानमंत्री का उत्तर प्रदेश व पश्चिम बंगाल पर खासा जोर रहा।

अमित शाह ने की 161 सभाएं, 18 रोड शो
प्रधानमंत्री के साथ भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भी सघन प्रचार किया। शाह ने 28 मार्च से 17 मई तक 161 सभाओं के साथ 18 रोड शो किए। उन्होंने इस दौरान एक लाख 58 हजार किलोमीटर की यात्रा की। पूरे अभियान के दौरान भाजपा के बड़े नेताओं ने देश भर में 1500 से ज्यादा सभाएं की, जबकि प्रदेश स्तर के नेताओं ने 3800 सभाएं की। देश के 3800 विधानसभा क्षेत्र ऐसे रहे जहां हर विधानसभा में चार से ज्यादा कार्यक्रम हुए।

1857 की क्रांति से जुड़ा रहा अभियान
प्रधानमत्री के चुनाव अभियान की खास बात यह भी रही है कि उन्होंने शुरुआत मेरठ से की, जहां से 1857 की क्रांति की शुरुआत हुई थी। समापन मध्य प्रदेश के खरगौन में किया, जहां 1857 की ही क्रांति में क्रांतिकारी भीमा नायक को फांसी की सजा हुई थी।