रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को अभी आयकर में छूट के लिए प्रमाण पत्र नहीं प्राप्त हो सका है। यही कारण है कि दानदाताओं को एक अप्रैल तक कोई भी चेक व ड्राफ्ट देने से रोक दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से ट्रस्ट को प्रदान किए गए 11 लाख के चेक को भी अभी बैंक में जमा नहीं किया गया है। रामजन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि अभी ट्रस्ट के पास न्यूनतम व्यय है। ऐसे में जमा राशि इनकम टैक्स में बचत में शामिल ह़ो जाएगी और ट्रस्ट के साथ दानदाता का भी बड़ा नुकसान हो जाएगा।

उन्होंने बताया कि उनके पास कई दानदाताओं की ओर से दिए गये चेक अभी भी बैंक में जमा नही कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग की अपनी प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया में समय लगता है। इसके कारण सभी दानदाताओं को अगले वित्तीय वर्ष तक किसी प्रकार की धनराशि जमा न कराने के लिए आग्रह किया गया है। उन्होंने बताया कि रामलला के चढ़ावे की धनराशि को बैंक खाते में जमा कराना मजबूरी है क्योंकि दानपात्र से निकालकर गिनती के बाद सम्पूर्ण धनराशि को अन्यत्र कहीं रखा नहीं जा सकता है। इसके चलते ट्रस्ट को अधिकार प्राप्त होने के बाद हुई गिनती की सम्पूर्ण धनराशि खाते में जमा करा दी गई है।

रामलला का पूजन कराने आए आचार्य लॉकडाउन में फंसे
रामजन्मभूमि में विराजमान रामलला के स्थान परिवर्तन के लिए 23 मार्च को अनुष्ठान कराने विभिन्न स्थानों से अयोध्या आए आधा दर्जन आचार्य लॉकडाउन के कारण फंस गये हैं। उधर उनके परिजन छटपटा रहे हैं। इसके कारण आचार्यगण भी किसी प्रकार अपने घर जाना चाहते हैं। इनमें दिल्ली व हरिद्वार के अलावा प्रयाग के आचार्य शामिल हैं। लॉकडाउन के कारण ट्रेन, रोडवेज बस एवं निजी वाहनों के भी आवागमन पर रोक लगा दी गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान के बाद प्रदेश सरकार ने भी इस प्रकार से फंसे लोगों को कह दिया है कि जो भी लोग जहां हैं वहीं रहें और कोई मूवमेंट न करें। फिलहाल उनकी समस्या का निवारण कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर रास्ता तलाशा जा रहा है।

सिर्फ 31 श्रद्धालुओं ने किया जन्मभूमि में रामलला का दर्शन
रामजन्मभूमि में विराजमान रामलला का दर्शन करने निकले दूसरे प्रांतों के श्रद्धालुओं को कड़ी हिदायत दी गयी है कि वह जहां भी ठहरे हैं, उसी स्थान पर रहें और बाहर घूमना-फिरना बंद करें अन्यथा उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। देश में लॉकडाउन से पहले यहां आए श्रद्धालु फंस गये हैं और अब उन्हें कुछ सूझ नही रहा है कि वह क्या करें। फिलहाल रामलला के यहां हाजिरी बजाने वाले श्रद्धालुओं का डी वन बैरियर पर पहले नाम-पता व मोबाइल नंबर दर्ज किया जा रहा है। इस पंजीकरण के लिहाज से प्रथम पाली में 27 पुरुष व चार महिलाओं ने माथा टेका।