राजधानी दिल्ली से बादलों के रूठने का असर अब तापमान पर दिखने लगा है। शनिवार को दिन भर लोगों को उमस भरी तेज गर्मी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार का दिन बीते पांच सालों में सबसे गर्म रहा।

दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए इस बार अच्छी मानसूनी बरसात का इंतजार लंबा होता जा रहा है। यूं तो मानसून के दिल्ली आने की तिथि 29 जून मानी जाती है। लेकिन, अभी तक अच्छी बरसात नहीं हुई है। इसका असर वायु गुणवत्ता और तापमान दोनों पर देखा जा रहा है।

शनिवार के दिन दिल्ली के सफदरजंग स्थित मौसम केन्द्र में अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य से चार डिग्री ज्यादा है। जबकि, न्यूनतम 31.3 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के पास मौजूद आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2014 के बाद यह सबसे गर्म 13 जुलाई का दिन था।

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वायु गुणवत्ता पर भी बुरा असर : बरसात नहीं होने का असर दिल्ली की वायु गुणवत्ता पर भी देखने को मिल रहा है। राजस्थान की ओर से धूल उड़ाती हवा दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में प्रवेश कर रही है। हवा की रफ्तार बीस किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की है। इससे हवा में धूल कणों की मात्रा में इजाफा हुआ है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, शनिवार को औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 275 के अंक पर रहा। इस स्तर की हवा को खराब श्रेणी में रखा जाता है।

दो दिन रहेगी ऐसी ही गर्मी : मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिन भी लोगों को ऐसी ही गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। जबकि, मंगलवार के बाद से हल्की बूंदाबांदी के एक-दो दौर आने की संभावना है। हालांकि, अच्छी मानसूनी बरसात के लिए दिल्ली को अभी इंतजार करना पड़ेगा।

आज के दिन का तापमान

वर्ष अधिकतम न्यूनतम
2019 39.6 31.3
2018 38 28
2017 33 27
2016 35 28
2015 27 23