यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने एल-2 और एल-3 के कोविड-19 के अस्पतालों के आइसोलेशन वार्डों में भर्ती मरीजों के मोबाइल ले जाने पर रोक लगा दी है। चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक डॉ. के.के. गुप्ता ने सभी चिकित्सा विश्वविद्यालयों, चिकित्सा संस्थानों और सभी सरकारी व निजी मेडिकल कालेजों के प्रमुखों को आदेश जारी करते हुए कहा है कि मोबाइल से संक्रमण फैलता है।

चिकित्सा महानिदेशक ने ये भी निर्देश दिए हैं कि कोविड अस्पताल के इंचार्ज को दो मोबाइल फोन उपलब्ध कराएं जाएं, ताकि मरीज अपने परिजनों से और परिजन अपने मरीज से बात कर सकें। चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक का यह आदेश कोरोना संक्रमित मरीजों के कोविड अस्पतालों में आने के दो महीनों के बाद जारी होने पर आश्चर्य व्यक्त किया जा रहा है। जानकार लोगों का कहना है कि दरअसल, आइसोलेशन वार्ड में भर्ती मरीज कोविड अस्पतालों की हालत की फोटो व जानकारी अपने मोबाइल से भेज रहे थे। इसीलिए मरीजों को मोबाइल ले जाने पर रोक लगाई गई है।

यूपी में तेजी से बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले :

प्रदेश में शनिवार को कोरोना मरीजों का आंकड़ा छह हजार को पार कर गया। 19 मई को कोरोना पॉजिटिव मामले 4,926 थे, जबकि शनिवार को यह संख्या 6017 तक पहुंच गई। कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा प्रवासी मजदूरों के कारण बढ़ा है। ये प्रवासी मजदूर शनिवार तक 1,423 की संख्या में सक्रंमित हो चुके हैं। शनिवार को कोरोना से तीन मौतें भी हुईं। पिछले 24 घंटे में 288 नए कोरोना संक्रमित सामने आए हैं।

शुक्रवार की तरह शनिवार को भी जौनपुर में सबसे ज्यादा 32 कोरोना संक्रमित मरीज पाए गए। शनिवार को हुई तीन मौतों में फिरोजाबाद, अलीगढ़ और बुलंदशहर में एक-एक मौत हुई। इस तरह प्रदेश में अब तक 155 कोरोना मरीजों की मौत हो चुकी हैं। शनिवार को 82 मरीज ठीक होकर घर चले गए। अब तक 3406 मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं।